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महाभारत · Karna Parva

कर्ण और अर्जुन का निर्णायक द्वंद्व

कर्णपर्व — महाभारत के अठारह पर्वों के इस मौलिक संक्षिप्त गद्य पुनर्कथन में भाग 2/2।

कर्ण और अर्जुन का निर्णायक द्वंद्व

कर्णपर्व — महाभारत के अठारह पर्वों के इस मौलिक संक्षिप्त गद्य पुनर्कथन में भाग 2/2।

कर्ण और अर्जुन का भीषण द्वंद्व होता है। युद्ध के बीच कर्ण के रथ का पहिया धँसता है और पूर्व के शाप तथा निर्णय एक साथ प्रभाव दिखाते हैं। कृष्ण की सलाह पर अर्जुन कर्ण का वध करते हैं। इस प्रसंग की नैतिकता पर सदियों से विमर्श होता रहा है। कर्ण के जन्म का रहस्य सामने आने पर पाण्डवों का शोक और गहरा होता है।

नैतिक जटिलता और दुखद परिणामों सहित संपूर्ण कथाक्रम समझने के लिए अन्य पर्व भी क्रम से पढ़ें।

पाठ संबंधी सूचना

यह हमारा मौलिक संक्षिप्त पुनर्कथन/मार्गदर्शक है; मूल ग्रंथ के समस्त श्लोक या किसी आधुनिक अनुवाद की प्रतिलिपि नहीं है। अलग परंपराओं में कुछ विवरण अलग हो सकते हैं।

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