द्रोणपर्व — महाभारत के अठारह पर्वों के इस मौलिक संक्षिप्त गद्य पुनर्कथन में भाग 1/2।
भीष्म के बाद द्रोण कौरव सेना के सेनापति बनते हैं। चक्रव्यूह जैसी जटिल रचनाओं से पाण्डव सेना को कठिनाई होती है। युवा अभिमन्यु साहस से चक्रव्यूह में प्रवेश करते हैं, पर उन्हें घेरकर युद्धनीति के विरुद्ध मारा जाता है। उनकी मृत्यु महाकाव्य में युद्ध की कीमत का अत्यंत मार्मिक उदाहरण है।
नैतिक जटिलता और दुखद परिणामों सहित संपूर्ण कथाक्रम समझने के लिए अन्य पर्व भी क्रम से पढ़ें।
