स्त्रीपर्व — महाभारत के अठारह पर्वों के इस मौलिक संक्षिप्त गद्य पुनर्कथन में भाग 1/2।
गांधारी, कुन्ती, द्रौपदी और अनेक स्त्रियाँ अपने प्रियजनों के मृत शरीर देखती हैं। उनका शोक सेनाओं की जीत के पीछे छिपी मानवीय कीमत उजागर करता है। गांधारी दुःख में कृष्ण से बात करती हैं और उनके वंश के लिए शाप देती हैं। महाकाव्य शोकाकुल स्त्रियों की पीड़ा को प्रमुख नैतिक स्वर देता है।
नैतिक जटिलता और दुखद परिणामों सहित संपूर्ण कथाक्रम समझने के लिए अन्य पर्व भी क्रम से पढ़ें।
