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महाभारत · Anushasana Parva

भीष्म के अंतिम उपदेश

अनुशासनपर्व — महाभारत के अठारह पर्वों के इस मौलिक संक्षिप्त गद्य पुनर्कथन में भाग 1/2।

भीष्म के अंतिम उपदेश

अनुशासनपर्व — महाभारत के अठारह पर्वों के इस मौलिक संक्षिप्त गद्य पुनर्कथन में भाग 1/2।

भीष्म युधिष्ठिर को व्यक्तिगत कर्तव्य, दान, व्रत, दया और संबंधों पर उपदेश देते रहते हैं। विष्णु सहस्रनाम की परंपरा का संबंध इसी भाग से माना जाता है। नए शासकों को आशीर्वाद देकर उचित समय आने पर वे देह त्यागते हैं। पुरानी पीढ़ी अपना अनुभव अगली पीढ़ी को सौंपती है।

नैतिक जटिलता और दुखद परिणामों सहित संपूर्ण कथाक्रम समझने के लिए अन्य पर्व भी क्रम से पढ़ें।

पाठ संबंधी सूचना

यह हमारा मौलिक संक्षिप्त पुनर्कथन/मार्गदर्शक है; मूल ग्रंथ के समस्त श्लोक या किसी आधुनिक अनुवाद की प्रतिलिपि नहीं है। अलग परंपराओं में कुछ विवरण अलग हो सकते हैं।

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