मौसलपर्व — महाभारत के अठारह पर्वों के इस मौलिक संक्षिप्त गद्य पुनर्कथन में भाग 1/2।
वर्षों बाद कृष्ण के यादव वंश में ही भीषण संघर्ष होता है। एक पुराने शाप तथा अविवेकी कार्यों की शृंखला विनाशकारी लड़ाई में बदल जाती है। महान और शक्तिशाली कुल भी अहंकार और पतन से अछूता नहीं रहता। महाकाव्य का अंतिम भाग एक युग के समाप्त होने का संकेत देता है।
नैतिक जटिलता और दुखद परिणामों सहित संपूर्ण कथाक्रम समझने के लिए अन्य पर्व भी क्रम से पढ़ें।
