सुन्दरकाण्ड — 3 में से भाग 3। यह परंपरागत रामकथा का मौलिक गद्य पुनर्कथन है; मूल श्लोकों का शब्दशः अनुवाद नहीं।
हनुमान रावण की सभा में अहंकार का सामना करते हैं। जब उनकी पूँछ में आग लगाई जाती है, तो वे उसी अग्नि से लंका के अनेक भागों को जला देते हैं; पारंपरिक कथाओं में सीता की सुरक्षा की उनकी चिंता भी वर्णित है। लौटकर वे राम को बताते हैं कि सीता जीवित हैं और प्रतीक्षा कर रही हैं। वानर सेना में नई आशा जागती है।
यह प्रसंग धर्म, करुणा और निर्णयों के परिणाम पर विचार करने की प्रेरणा देता है। संपूर्ण कथा का क्रम समझने के लिए काण्ड के अगले अध्याय भी पढ़ें।
