सुन्दरकाण्ड — 3 में से भाग 1। यह परंपरागत रामकथा का मौलिक गद्य पुनर्कथन है; मूल श्लोकों का शब्दशः अनुवाद नहीं।
जाम्बवान हनुमान को उनकी महान शक्ति और उद्देश्य का स्मरण कराते हैं। हनुमान समुद्र लाँघते हुए ऐसे अवरोधों से गुजरते हैं जिनमें केवल बल नहीं, विवेक की भी परीक्षा होती है। वे रात्रि में लंका पहुँचकर सावधानी से खोज करते हैं। उनका साहस राम की सेवा और सीता के प्रति करुणा पर आधारित है।
यह प्रसंग धर्म, करुणा और निर्णयों के परिणाम पर विचार करने की प्रेरणा देता है। संपूर्ण कथा का क्रम समझने के लिए काण्ड के अगले अध्याय भी पढ़ें।
