सुन्दरकाण्ड — 3 में से भाग 2। यह परंपरागत रामकथा का मौलिक गद्य पुनर्कथन है; मूल श्लोकों का शब्दशः अनुवाद नहीं।
अशोकवाटिका में हनुमान सीता को पाते हैं, जो रावण की धमकियों के सामने अडिग हैं और राम के प्रति निष्ठावान हैं। हनुमान विश्वास दिलाने के लिए राम की अंगूठी दिखाते हैं और उन्हें सांत्वना देते हैं। सीता अपना चिह्न और संदेश देकर उन्हें लौटने को कहती हैं। इस भेंट से अनिश्चित खोज स्पष्ट उद्धार-योजना में बदल जाती है।
यह प्रसंग धर्म, करुणा और निर्णयों के परिणाम पर विचार करने की प्रेरणा देता है। संपूर्ण कथा का क्रम समझने के लिए काण्ड के अगले अध्याय भी पढ़ें।
