वनपर्व — महाभारत के अठारह पर्वों के इस मौलिक संक्षिप्त गद्य पुनर्कथन में भाग 1/2।
वनवास में पाण्डव ऋषियों से मिलते हैं, तीर्थों की यात्रा करते हैं और अनेक संकटों का सामना करते हैं। अर्जुन दिव्य अस्त्रों की साधना करते हैं; भीम बल के साथ विनम्रता की परीक्षा से गुजरते हैं। युधिष्ठिर धैर्य और ज्ञान से जुड़ी अनेक कथाएँ सुनते हैं। द्रौपदी अन्याय की मानवीय पीड़ा को स्पष्ट स्वर देती हैं।
नैतिक जटिलता और दुखद परिणामों सहित संपूर्ण कथाक्रम समझने के लिए अन्य पर्व भी क्रम से पढ़ें।
