स्तोत्र
हनुमानाष्टक में संकटों के बीच भी साहस और प्रभु के प्रति निष्ठा बनाए रखने की प्रेरणा है।
पूरा पढ़ेंप्रसिद्ध स्तोत्रों का परिचय, प्रारंभिक मंत्र और सरल भावार्थ।
स्तोत्र
हनुमानाष्टक में संकटों के बीच भी साहस और प्रभु के प्रति निष्ठा बनाए रखने की प्रेरणा है।
पूरा पढ़ें
स्तोत्र
शिव तांडव स्तोत्र अपने लयपूर्ण संस्कृत छंदों और शिव के विराट स्वरूप के वर्णन के लिए प्रसिद्ध है।
पूरा पढ़ें
स्तोत्र
रामायण के युद्ध प्रसंग से जुड़ा आदित्य हृदय सूर्य की तेजस्विता और आंतरिक संबल का स्तवन है।
पूरा पढ़ें
स्तोत्र
महाभारत में वर्णित विष्णु सहस्रनाम भगवान विष्णु के हजार नामों की परंपरा है।
पूरा पढ़ें
स्तोत्र
देवी ललिता के नामों का यह स्तोत्र श्रीविद्या परंपरा से विशेष रूप से जुड़ा है।
पूरा पढ़ें
स्तोत्र
मार्कण्डेय पुराण से संबद्ध देवीमाहात्म्य में देवी शक्ति के विविध विजय प्रसंग आते हैं।
पूरा पढ़ें
स्तोत्र
यह स्तोत्र शिव की अपार महिमा का वर्णन करता है और विनम्रता पर बल देता है।
पूरा पढ़ें
स्तोत्र
गणपति अथर्वशीर्ष एक उपनिषद्-परंपरा से जुड़ा गणेश आराधना का प्रसिद्ध पाठ है।
पूरा पढ़ें
स्तोत्र
बुधकौशिक ऋषि से संबद्ध इस स्तोत्र में राम नाम और उनके चरित्र का स्मरण होता है।
पूरा पढ़ें
स्तोत्र
आदि शंकराचार्य से परंपरागत रूप से संबद्ध कनकधारा स्तोत्र में माँ लक्ष्मी से अनुग्रह की प्रार्थना है।
पूरा पढ़ें
स्तोत्र
तुलसीदास रचित रुद्राष्टकम् भगवान शिव के निर्विकार और कल्याणकारी रूप का गुणगान है।
पूरा पढ़ें