भक्ति कथाएँ
श्रीकृष्ण की गोकुल बाललीला
श्रीकृष्ण की बाललीलाएँ वात्सल्य, आनंद और भय पर प्रेम की विजय के लिए प्रिय हैं। कठिन समय में देवकी-वसुदेव के यहाँ जन्मे कृष्ण गोकुल में यशोदा और नंद के स्नेह में पलते हैं। माखन, बाँसुरी, दुष्ट शक्तियों से रक्षा
Lavora Bhagti Editorial · 2026-10-22 · हिंदी और अंग्रेज़ी

श्रीकृष्ण की बाललीलाएँ वात्सल्य, आनंद और भय पर प्रेम की विजय के लिए प्रिय हैं। कठिन समय में देवकी-वसुदेव के यहाँ जन्मे कृष्ण गोकुल में यशोदा और नंद के स्नेह में पलते हैं। माखन, बाँसुरी, दुष्ट शक्तियों से रक्षा और गोवर्धन धारण की कथाएँ भक्ति, समाज की सुरक्षा और साधारण जीवन की सुंदरता सिखाती हैं।
यह लेख भक्ति-अध्ययन के लिए मौलिक परिचय है। जहाँ परंपराओं में अंतर हो, वहाँ विश्वसनीय ग्रंथ और अपनी परंपरा के मार्गदर्शन का आदर करें।
पाठ संबंधी सूचनायह हमारा मौलिक संक्षिप्त पुनर्कथन/मार्गदर्शक है; मूल ग्रंथ के समस्त श्लोक या किसी आधुनिक अनुवाद की प्रतिलिपि नहीं है। अलग परंपराओं में कुछ विवरण अलग हो सकते हैं।